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· स्थानीय क्षेत्र जालतंत्र (लोकल एरिया नेटवर्क) ‘लैन’ स्थापित किया गया । ‘लैन’ कैम्पस में 200 पर्सनल कम्प्यूटरों को जोड़ने के लिए 10/100 MBPs बैंडविड्थ टी सी पी / आइ पी प्रोटोकोल का प्रयोग करते हुए उच्च गति कम्प्यूटर कंन्द्रीय तथा कार्यसमूह स्विच जालतंत्र है । लैन के साथ साथ उपयोगकर्त्ताओं को ई-मेल तथा इंटरनेट सेवाएं प्रदान की गईं । एंटीवायरस साफ्टवेयर भी डाला गया । संस्थान में आइ टी सुविधाओं का विस्तार किया गया । वैज्ञानिकों तथा अन्य स्टाफ सदस्यों को कम्प्यूटर, प्रिंटर तथा स्कैनर दिए गए । · भै. सू. प्र. (जी आई एस) प्रयोगशाला स्थापित की गई तथा एक अलग समूह केवल जी आइ एस अनुप्रयोग पर कार्य करने के लिए बनाया गया । · अनुसंधान तथा विकास प्रयोशालाओं के आधुनिकीकरण योजना को प्रारम्भ किया गया तथा बहुत से आधुनिकतम तथा स्टेट ऑफ आर्ट उपस्कर लिए गए और उनका परिचालन किया । · प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के द्वारा प्रारम्भ की गई । इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 2007 तक 500 तक की जनसंख्या वाले गांवों के ग्रामीणों को मोटर चालित बारहमासी सड़कों से सम्बध्दता प्रदान करना था । संस्थान ने देश के विभिन्न भागों में जागरूकता लाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए तथा इस कार्यक्रम को देश भर में ग्रामीण विकास मंत्रालय, राज्य सार्वजनिक निर्माण विभाग, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान तथा क्षेत्रीय अभियांत्रिकी विद्यालय के साथ समन्वित किया । संस्थान ने आधार डाक्यूमैंटस को तैयार करना प्रारम्भ किया, अन्य संगठनों के साथ परामर्श कर विधि प्रणाली तैयार की तथा अभिकल्प मैनुअल तथा साफटवेयर इष्टतम सम्बध्दता निर्धारित करने के लिए तैयार किया । कार्यान्वयन भाग बाद में राज्य पी डब्लू डी को हस्तान्तरित किया गया । · संस्थान ने प्रशिक्षण तथा महामार्ग विकास के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा एचडीएम-4 साफटवेयर के माध्यम से प्रबनध प्रैक्टिस जो कि बर्मि़गहम विश्वविद्यालय, यू.के. द्वारा कोड की गई तथा विश्व में अनेकों सीविल अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थानों के द्वारा बनाई गई । · डॉमर पर अनुसंधान जारी है । नई उत्पादन (जैनेरेशन) उच्च निष्पादन डामर तथा मिश्र अभिकल्प के अन्य प्रकार विकसित किए तथा उद्योग को प्रस्तावित किया गया । · संस्थान ने 28 फरवरी 2004 में बी आई एस से आई एस ओ 2001:1994 क्यू.एम.एस. लाइसैंस लिया गया आई.एस.ओ. प्रमाण पत्र से संस्थान को आन्तरिक कार्य प्रवाह तथा प्रबन्ध को पुन:गठित करने में सहायता मिली । · वाहन ई़धन नीति पर राष्ट्रीय परियोजना समय रहते पूरी की गयी तथा सी.एस.आई.आर. के माध्यम से भारत सरकार को संस्तुति दी गई । · केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने वर्ष के दौरान वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् के हीरक जयन्ती वर्ष के उपलक्ष में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जैसे कार्यशाला, गोलमेज, खुलामंच, प्रतियोगिताएं इत्यादि ।
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ISO-9001 Quality System Certification Ceremony at CRRI. |
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2000-2005 के दौरान की महत्वपूर्ण घटनाएं :- |


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International Training Program on Highway Development Management (HDM-4) |
